शुक्रवार, 26 नवम्बर 2010

० अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ठेकेदार...read -indian blogger silenced.#barkhagate...#mediamafia

26/11 के आतंकवादी हमले के बाद जिस तरह मीडिया ने रिपोर्टिंग की वो बेहद अफसोस जनक और शर्मनाक थी....मैने स्वयं ने उस दिन के बाद से आजतक इंडिया 24 चैनल और एन डी टी वी को देखना बंद कर रखा है....सहीमायने मैं उस रिपोर्टिंग से जैसे चैनल्स आतंकवादियों को सहायता पहुंचा रहे हों...हद तो तब हो गई जब किसी चैनल वाले ने उन आतंकवादियों मैं से किसी से संपर्क साध कर उनसे बातचीत करने की कोशिश की.और ब्रेकिंग न्यूज की तरह पेश करने की चेष्टा की.तो यूं लगा कि ये चैनल भी इस षड्यंत्र का हिस्सा तो नहीं.एन एस जी के तत्कालीन चीफ जनरल गुप्ता ने आज के भास्कर मैं इस बात की स्वीकारोकति की है कि इन चैनल्स की वजह से उन्हें नुकसान उठाना पङा..और तब मैने इंडिया 24 को जीवन भर न देखने की सौगंध खाई जो आज भी मैं पालन कर रहा हूं.और जिस दिन गलती से देख लिया तो दूसरे दिन एक समय का व्रत रखकर प्रायश्चित्त करता हूं..
चैतन्य कुंटे नामक एक ब्लोगर ने जो कि नीदरलैंड मैं रहता है ने 27 नवंबर 2011 को एक ब्लोग पोस्ट छापी जिसमें उसने और विशेषकर NDTV और उसकी तुर्रम खां पत्रकारा बरखा दत्त के बारे मैं लिखा कि किस तरह तरह से उनकी रिपोर्टिंग की वजह से सेना को न केवल 26 /11  की घटना के समय  बल्कि कारगिल युद्द के समय भी नुकसान उठाना पङा.उनवकी रिपोर्टिंग की वजह से दुशमन को हमारी लोकेशने के बारे मैं सूचनाएं मिली और हमें नुकसान हुआ.
redistribution के अनुसार बरखा दत्त ने 3 जनवरी को अपने फैस बुक पर लिखा

you may want to know that the author of this email- a certain Mr. Kunte who lives in Holland.. has been sent a legal notice by NDTV for the rubbish and lies peddled in this email.
इसके बाद बरखा जी फैस बुक पर ही फिर लिखती है

Just because some random bloke can sit at a computer and make up stuff doesnt mean he or others like him need to be dignified with responding to their utter and total rubbish. rubbish is what it is. And as already mentioned. Mr. Kunte has been served a legal notice for libel by NDTV.
That should give you some indication of where we and I stand. The freedom afforded by the Interent cannot be used to fling allegations at individuals or groups in the hope that they will then respond to things that arent worthy of engagement.

कुल मिलाकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के इन ठेकेदारों ने एक ब्लोगर की इन गलीज लोगों की कारगुजारियों के खिलाफ लिखने की  सजा उसे एक लंबा चौङा कानूनी नोटिस भेजकर और लंबे चौङे मुआवजे की धमकी देकर उसे माफी मांगने को मजबूर कर दिया..
ये सारा घटना क्रम ग्लोबल वोईस ओनलाईन फोरम नामक एक ब्लोगर फोरम द्वारा यहां छापा गया है.....कुल मिलाकर ये मीडिया जिसे हम लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहते हैं वो न केवल मनमानी करता है बल्कि माफिया की तरह धमका कर अपने खिलाफ उठने वाली आवाज को कुचलने की हरकतें भी करता ह

4 comments:

  1. चेनल की ये कारगुजारी वाकई शर्मनाक व निंदनीय है अभिव्क्ति की स्वतंत्रता का ढोल पीटने वाले खुद उसी अभिव्यक्ति का गला घोंट रहे है |

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  2. आप को होली की हार्दिक शुभकामनाएं । ठाकुरजी श्रीराधामुकुंदबिहारी आप के जीवन में अपनी कृपा का रंग हमेशा बरसाते रहें।

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  3. आदरणीय मिहिरभोज जी
    सादर सस्नेहाभिवादन !

    नेट भ्रमण करते हुए अचानक आपके यहां पहुंच कर हार्दिक प्रसन्नता है … आशा है , आवागमन होता रहेगा अब ।

    * श्रीरामनवमी की शुभकामनाएं ! *


    साथ ही…

    *नव संवत्सर की हार्दिक बधाई और मंगलकामनाएं !*

    नव संवत् का रवि नवल, दे स्नेहिल संस्पर्श !
    पल प्रतिपल हो हर्षमय, पथ पथ पर उत्कर्ष !!

    चैत्र शुक्ल शुभ प्रतिपदा, लाई शुभ संदेश !
    संवत् मंगलमय ! रहे नित नव सुख उन्मेष !!


    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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