कुछ दिन पूर्व सीकर मैं एक गोपीनाथ गौशाला मैं गोपाष्टमी के कार्यक्रम मैं कैंद्रीय सङकर मंत्री महादेव सिंह खंडेला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे.चूंकि गौशाला एक सार्वजनिक संस्था है तो वहां मंच पर उपस्थित लोगों मैं भाजपा और संघ से जुङे कुछ अन्य लोग भी बैंठे हुए थे.इस बात पर मंत्री महोदय की शिकायत आला कमान पर पहुंचा दी गई कि वे संघ और भाजपा वालों से मैलजोल बढा रहे हैं....इसी तरह सीकर के युवा पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के प्रयासों से गांधी जयंती पर दौङेगा सीकर के नाम से एक मेराथन का आयोजन किया गया.जिसमें लायंस ,रोटरी,भारत विकास परिषद,महावीर इंटरनेशनल आदि अन्यान्य सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया गया..करीब 15 हजार लोगों ने इस दौङ में भाग लिया और सभी लोगों ने दलगत विचार धारा से ऊपर उठकर इस नशामुक्ति और एकता के संदेश वाले कार्यक्रम मैं भाग लिया .... कार्यक्रम के समापन पर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेसी विधायक राजेंद्र पारीक ,स्थानीय कांग्रेसी चैयरमैन सलमा शेख और अन्यान्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाङी मौजूद थे.मंच पर मौजूद सामाजिक संगठनों के लोगों मैं कुछ संघ से जूङे लोग भी थे.इस प्रेरणादायी कार्यक्रम के लिए पुलिस विभाग को और एस पी साहब की प्रशंसा कि जानी चाहिये थी..चूंकि ये किसी पार्टी का कार्यक्रम नहीं था इसलिए जिले के अन्य विधायकों को और सांसद को नहीं बुलाया गया...परिणाम पुलिस अधीक्षक महोदय की जबर्दस्त खिंचाई...ट्रांसफर के प्रयास और संघ से गठजोङ का आरोप.....
आज के दैनिक भास्कर की खबर....यहां देखे
बेगूं के विधायक राजैंद्र विधूङी ने पंचायती राज्य मंत्री श्री भरत सिंह पर संघ के लोगों से संपर्क रखने का आरोप लगाया है...
संघ क्या भूत है...और ये विधायक और मंत्री क्या बच्चे हैं पर आश्चर्य तो ये है कि कांग्रेसियों को भूत के डर की तरह संघ से संपर्क मैं आने का डर दिखाया जाता है.इसका मतलब मेरे समझ मैं या तो संघ की विचारधारा इतनी सशक्त है कि संपर्क मैं आने मात्र मे ये किसी भी समझदार आदमी को प्रभावित कर सकती है.../या कांग्रेस की अपनी विचार धारा इतनी कमजोर है कि वह किसी भले आदमी के संपर्क मैं आने मात्र से धुल जाती है. मैं संघ से जुङा रहा हूं और मेरे कांग्रेसी,साम्यवादी,बहुजन वादी ,मुसलमान,हिंदु अमीर गरीब,अगङे,पिछङे,हरिजन सब प्रकार के मित्र हैं ...मुझे न किसी ने डराया न किसी समझाया बल्कि यही सिखाया गया कि समाज मैं किसी भी भेद को छोङते समाज के भले लोगों से हमारी मित्रता होनी चाहिये...
क्या फासिज्म यही होता है कि विचार धारा के आधार पर मित्रता या संपर्क हों....इस तरह की बातें कांग्रेस को किस और धकेल रही हैं पता नहीं पर एक लोकतंत्र के लिए तो निश्चित रूप से ठीक नहीं हैं.....

आज के दैनिक भास्कर की खबर....यहां देखे
बेगूं के विधायक राजैंद्र विधूङी ने पंचायती राज्य मंत्री श्री भरत सिंह पर संघ के लोगों से संपर्क रखने का आरोप लगाया है...
संघ क्या भूत है...और ये विधायक और मंत्री क्या बच्चे हैं पर आश्चर्य तो ये है कि कांग्रेसियों को भूत के डर की तरह संघ से संपर्क मैं आने का डर दिखाया जाता है.इसका मतलब मेरे समझ मैं या तो संघ की विचारधारा इतनी सशक्त है कि संपर्क मैं आने मात्र मे ये किसी भी समझदार आदमी को प्रभावित कर सकती है.../या कांग्रेस की अपनी विचार धारा इतनी कमजोर है कि वह किसी भले आदमी के संपर्क मैं आने मात्र से धुल जाती है. मैं संघ से जुङा रहा हूं और मेरे कांग्रेसी,साम्यवादी,बहुजन वादी ,मुसलमान,हिंदु अमीर गरीब,अगङे,पिछङे,हरिजन सब प्रकार के मित्र हैं ...मुझे न किसी ने डराया न किसी समझाया बल्कि यही सिखाया गया कि समाज मैं किसी भी भेद को छोङते समाज के भले लोगों से हमारी मित्रता होनी चाहिये...
क्या फासिज्म यही होता है कि विचार धारा के आधार पर मित्रता या संपर्क हों....इस तरह की बातें कांग्रेस को किस और धकेल रही हैं पता नहीं पर एक लोकतंत्र के लिए तो निश्चित रूप से ठीक नहीं हैं.....

इस विचारात्मक लेख हेतु आभार |
प्रत्युत्तर देंहटाएंहर अच्छी चीज से बुराई डर कर भागती है . यही हाल कांग्रेस का है
प्रत्युत्तर देंहटाएंदूसरों को कहते हैं, खुद कांग्रेसी बहुत बड़े हैं...
प्रत्युत्तर देंहटाएं