बृहस्पतिवार, 18 मार्च 2010

डां अनवर जमाल साहब को नमस्कार….

डां अनवर जमाल साहब आप ने पिछले दिनों मैं हिंदु धर्म के बारें मैं जो ज्ञान बघारा हैं वो किस काबिल है वो तो मेरे पास शब्द नहीं पर क्यों कि आपकी फोटो देखकर पढे लिखे इंसान लगते हो इसलिए कुछ कहने का मन किया……

कभी मौका लगे तो हरिद्वार जरूर जाना …..और गंगा मैं स्नान करना….वहां से बाहर निकलो तो वहां कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास आपकी पुश्तों का हिसाब किताब होता हैं….निश्चित रूपसे आप अपने पुरखों के नाम पते जान पाओगे तो जरूर पूछना……क्यों कि मेरे खयाल से इस्लाम मैं अपने बाप दादा के नाम पता करना कोई गुनाह न होगा……वो कोई हिंदु ही हो सकता हैं…..राम को मानने वाला ,कृष्ण का भक्त……भोले शंकर का पुजारी…..जनेउ धारी सात्विक प्रवृत्ति का व्यक्ति

18 comments:

  1. "अनवर साहब आपके इस लेख का भी कोई तोड़ ले आएगें....."
    amitraghat.blogspot.com
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  2. क्यों गंगा को और गंदा करवाते हो !
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  3. वे तो केवल मनुष्य योनियों का हिसाब रखते होंगे -काहें बेफजूल डॉ जमाल साहब को परेशां कर रहे हैं !
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  4. गोदियाल साहब की बात पे गौर करिए सर..
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  5. anwar sahab ke roop men blog jagat ko ek nayab heera mil gaya hai.... wah meel ke patthar sabit honge !!!
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  6. इस विषय पर आज सुबह लिखे अपने लेख का कुछ अंश यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ
    १. किसी भी दुसरे धर्म के बारे में कुछ भी अनाप शनाप लिखना न केवल दुर्भावनापूर्ण है बल्कि अपमानजनक और दुर्भाग्यपूर्ण भी है
    २. हर चीज़ को देखने के दो नजरिया होते है. एक देखता है कि गिलास आधा खाली है और दूसरा देखता है कि वो ही गिलास आधा भरा हुआ है. दोनों ही सही है. ठीक इसी प्रकार से बेशक अगर कोई गलत ढंग से दुष्प्रचार करने का कार्य कर रहा है तो हम ये सोचे कि इस बहाने से ही सही, वो अपना कुछ समय प्रभु नाम पर शोध करने और टाइप करने में तो लगा रहा है. कही तो उसके ध्यान में भगवान् तो आ रहे है. बस भगवन से इतनी नजदीकी इनकी व्यक्तिगत सफलता के लिए काफी है.
    ये पूरा लेख http://jindgikipaathshala.blogspot.com पर पढ़ सकते है.
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  7. कुड़े करकट की सफाई होती है या उस पर व्याख्यान दिये जाते है?
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  8. बेनामीMar 18, 2010 05:03 AM
    अनवर को ये बता दो कि इनकी कुरआन में अल्ला को इतना भी पता नही कि सूरज कैसे ओर कहा अस्त होता है
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  9. बेनामीMar 18, 2010 05:39 AM
    जो भरा नही हे भावों से..... वो दिल नही हे पथर जिस में स्वदेस का प्यार नही
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  10. बेनामीMar 18, 2010 06:22 AM
    दूसरा हीरा सलीम खान भी तो है...
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  11. Prriya bandu
    aapka kathan satya hai.
    mere purwaj wohi hain jo aapke hain.
    Apki shalinta namrata prashansniya hai.
    aap chandan saman hain.
    kai bhujang bhi apka kuchh na bigad sake.
    danya hai woh maan jisne apko janam diya.
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  12. मिहिर साहब आपने सही फरमाया है।
    सालों साल से लोग इस्लाम कबूल करते आ रहे है और यह सिलसिला अभी तक कायम है। दुनियाभर के लोगों को इस्लाम में सुकून नजर आ रहा है।
    यकीन नहीं हो रहा है तो क्लिक करो और सच कबूल करने वाले लोगों की जुबान से आप खुद जान लो।
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  13. बेनामीMar 18, 2010 12:02 PM
    kitanA sukoon hai, yeh paakistaan, afghanisataan, baangla desh, somalia, soodan, aljeria, iraq, iran se pata chal raha hai.
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  14. aur kitnaa sukoon dete hain, yah headley ka bayan bayayega
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